तुम मेरी शक्ति बनना मैं तुम्हारा साहस बनूँगा।
एक दूजे का साथ निभाएँ, सबका मन जीतें और मान बढायें
मैं रूठूँ तो डांट कर मना लेना, तुम रूठो तो छेड़ कर हंसा दूंगा।
तुम मेरा बल बनना मैं तुम्हारा धैर्य बनूँगा।
काँधे पर सहारा दूंगा जब रोना आये तो
बस सर सहला देना जब टूट जाऊ तो।
मेरी स्याह रातों का उजाला बनना, मैं तुम्हारा सहारा बनूँगा
उन ग़म की सांझो को दुपट्टे की हवा से हल्का कर देना,
मैं तुम्हारे दर्द को इकठ्ठा कर के जज़्ब में सिरा दूंगा।
मेरी परेशानियों का किनारा बनना, मैं तुम्हारी खुशियों का बहाना बनूँगा
एक निवाला तुम खाना, दूजा मैं खिला दूंगा।
अपने एहसासो को तुम्हारी आँखों में पढ़ लूंगा।
बस तुम मेरी शक्ति बनना, मैं तुम्हारा साहस बनूँगा।।
